अंबेडकरनगर में सम्मनपुर के कहरा सुलेमपुर गांव के पास सीसारा-कटुई नहर की पटरी को अराजकतत्वों ने बीती रात काट दी। इससे नहर किनारे के खेतों में सिल्ट जमा होने लगी है। किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। एक सप्ताह के भीतर यह दूसरी घटना है। इससे पहले लगभग 100 मीटर दूर नहर को इसी तरह काटा गया था। ग्रामीणों के अनुसार, कुछ लोग दूर के खेतों की सिंचाई के लिए नहर को जानबूझकर काट देते हैं। इससे न केवल आगे की जल आपूर्ति बाधित होती है, बल्कि खेतों में मिट्टी व सिल्ट जमा होकर फसल को नुकसान पहुंचता है। कहरा गांव निवासी राम अक्षयवर तिवारी ने नहर की मरम्मत कर रहे कर्मचारियों के कार्य में बाधा डालने की कोशिश की। तुरकानीबाग निवासी किसान गोपाल श्रीवास्तव ने बताया कि उनके खेत हर साल इसी तरह की घटनाओं से प्रभावित होते हैं। नाली मौजूद होने के बावजूद कुछ लोग नहर को काटकर सिंचाई करना अधिक सरल समझते हैं। नहर टूटने की जानकारी मिलते ही विभागीय टीम सक्रिय हो गई। जेसीबी मशीन की मदद से कटाव को तत्काल रोका गया। क्षेत्रीय अवर अभियंता (जेई) सोनू शर्मा ने बताया कि विभागीय टीम ने मौके पर पहुंचकर नहर की मरम्मत शुरू कर दी है। एक सप्ताह में दूसरी बार ऐसी घटना हुई है। मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी।