आगरा लाल (कैप्टन शुभम गुप्ता) की जुदाई में मां की आंखें 12 दिन से रो-रोकर पथरा सा गईं थीं। सोमवार को राजोरी से बेटे की यादों से भरा संदूक आया तो उनकी आंखें फिर भीग गईं। बेटे की वर्दी, तस्वीर, कपड़ों आदि को सीने से लगाया, दुलारा, चूमा फिर दहाड़ मारकर रोने लगीं।