करीब दो साल पहले सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के लागू होने के बाद आई विषमताओं को दूर करने के लिये कानून में अब तक संशोधन नहीं हो पाया है, जिसकी वजह से राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को अब भी देश के प्रमुख नौकरशाहों और तीनों सेनाओं के प्रमुखों के मुकाबले कम वेतन मिलता है। राष्ट्रपति तीनों सशस्त्र सेनाओं- जल, थल और वायु सेना के सर्वोच्च कमांडर भी होते हैं, लेकिन उनका वेतन तीनों सेनाओं के प्रमुखों के वेतन से भी कम है। सेना प्रमुखों को कैबिनेट सचिव के बराबर वेतन मिलता है। आइए आपको बताते हैं किसका कितना वेतन है...