"2018 का साल था वो। साल भर एक के बाद एक फैसले आए। पूरा देश हिल गया था। लोगों का भरोसा जाग गया।" आने वाली पीढ़ियों को कुछ इसी अंदाज में सुना रहे होंगे आप सुप्रीम कोर्ट के फैसलों से जुड़े वो किस्से जो बेहतरी की आस जगाते हैं। इस देश की अदालतों को आप कितना भी भला-बुरा कह लें, मुकदमों के निपटारे में देरी के लिए कोस लें लेकिन यकीन मानिए कि जब-जब बड़े फैसलों की घड़ी आई है, अदालतों ने अपनी जिम्मेदारी निभाई है। ऐसे ही 5 फैसलों की कहानी