आज हम अमर उजाला टीवी स्पेशल में एक ऐसी शख्सियत से मिलवाने जा रहे हैं, जिसने मुसलमान होते हुए भी कालजयी धारावाहिक महाभारत के संवाद लिखे और ऐसे लिखे कि बिना इस नई महाभारत के नए वेद व्यास हो गए। नाम है राही मासूम रजा। जिनकी पटकथा, उपन्यास, नज्में आज भी हमारे बीच जिंदा हैं।