दामू पुरवा गांव की आशा बहू रामरानी के चेहरे पर पश्चाताप साफ नजर आता है। वह बताती हैं कि आज वह दुनिया को बाल विवाह के खतरों के बारे में समझाती हैं। लेकिन एक वक्त ऐसा था जब वह खुद अपनी बड़ी बेटी के बाल विवाह को रोक नहीं पाईं।
29 September 2026
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