जहां लड़कियों को बोझ समझ कच्ची उम्र में ब्याह दिया जाता रहा है, उसी इतवारिया गांव की कनकलता आज अपने गांव का गौरव बनी हुई है। कानून की पढ़ाई करते हुए गांव की महिलाओं और किशोरियों को शिक्षित कर रही है, एक एन.जी.ओ. में काम भी कर रही है।
29 September 2026