भगवान रघुनाथ के सम्मान में वर्ष 1660 से अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव मनाया जा रहा है। रथयात्रा के लिए ढालपुर आने से पहले भगवान रघुनाथ की पूजा-अर्चना की गई। देवताओं के इस महाकुंभ में 332 देवी-देवताओं को निमंत्रण भेजा गया था। करीब 300 देवी-देवताओं के उत्सव में शामिल होने की उम्मीद है।