चंडीगढ़ से ऊना के लिए शुक्रवार सुबह 10:20 बजे निर्धारित एचआरटीसी की इलेक्ट्रिक बस सेवा को कथित तौर पर सीटीयू के सुपरवाइजर ने रोक दिया। बस के चंडीगढ़ पहुंचने के बाद संबंधित अधिकारी ने एचआरटीसी कर्मचारियों को बस का संचालन नहीं करने दिया। इसके पीछे बस के पास ऑर्डिनरी परमिट होने का हवाला दिया गया। इसको लेकर बस अड्डे पर आधे घंटे तक हंगामा होता रहा। एचआरटीसी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सीटीयू प्रबंधन को संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। निगम ने कहा कि किसी निर्धारित सार्वजनिक परिवहन सेवा को इस तरह मौखिक आदेश देकर रोकना उचित प्रक्रिया नहीं है। एचआरटीसी की ओर से सीटीयू प्रबंधन की गई शिकायत में कहा गया है कि यदि बस के परमिट, रूट अथॉराइजेशन और संचालन को लेकर कोई आपत्ति है तो उसे सक्षम प्राधिकारी के समक्ष आधिकारिक माध्यम से उठाया जाना चाहिए। सुपरवाइजर को बिना किसी वैध कानूनी व प्रशासनिक आदेश के एचआरटीसी की सेवा रोकने का अधिकार नहीं है। निगम ने कहा कि संबंधित अधिकारी की ओर से बस को रोकने के लिए कोई लिखित आदेश या स्पष्ट कानूनी आधार उपलब्ध नहीं कराया गया। एचआरटीसी के अनुसार निर्धारित बस सेवा बाधित होने से यात्रियों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही बस सेवा रुकने से निगम को आर्थिक नुकसान और उसकी कार्यप्रणाली की छवि प्रभावित होने की आशंका है। एचआरटीसी के मुख्य महाप्रबंधक पंकज सिंघल ने बताया कि परिवहन निगम की इलेक्ट्रिक बस को रोका गया है। सीटीयू प्रबंधन से सुपरवाइजर के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा गया है।