राजस्थान में चुनावी शंखनाद के बाद इस बार भावी परिणाम से ज्यादा चर्चा दिग्गज नेताओं के भविष्य को लेकर है। इनमें कांग्रेस में रह कर बगावती सुर अलापने वाले सचिन पायलट हैं तो दूसरी ओर राज्य में दो दशक से भाजपा की चेहरा रहीं वसुंधरा राजे हैं। कांग्रेस ने जहां सीएम अशोक गहलोत पर अपना भरोसा कायम रखा है, वहीं भाजपा ने इस बार वसुंधरा को चेहरा नहीं बनाने का साफ संदेश दे दिया है।