उदयपुर की फतहसागर झील में दो दिन पहले एक युवक ने चलती बोट से छलांग दी थी। हादसे में उसकी मौत हो गई थी। युवक का शव 36 घंटे तक झील के अंदर झाड़ियों में फंसा रहा। सिविल डिफेन्स की टीम ने लगातार रेसक्यू ऑपरेशन चलाकर शव को बाहर निकाला।
पुलिस ने बताया कि युवक ने झील में कूदने से पहले अपना मोबाइल फोन नाव में छोड़ दिया था उसी आधार पर उसकी शिनाख्त हुई थी। मोबाइल फोन के आधार पर जानकरी जुटाई तो मालूम चला कि वह जालौर के सायला गांव का रहने वाला है और सट्टे में 15 लाख की उधारी होने से परेशान था। नाव में मिले युवक के मोबाइल फोन से उसके भाई को कॉल लगाया तो उसने बताया कि युवक का नाम दिनेश पुरोहित है, जो सायला का रहने वाला है। मृतक के भाई ने बताया कि दिनेश मुंबई में नौकरी करता है और इस दौरान उसे सट्टा खेलने की लत लग गई। सट्टे में दिनेश करीब 15 लाख रुपये हार चुका है और अब बुकी उसे लगातार पैसो के लिए परेशान कर रहे हैं। संभवतः इसी वजह से दिनेश ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया होगा।
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फिलहाल पुलिस ने शव को उदयपुर के एमबी हॉस्पिटल की मोर्चरी में रखवाया है। परिजनों को सूचना दी है। परिजनों के उदयपुर पहुंचने पर ही पोस्टमार्टम किया जाएगा उसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। रेस्क्यू टीम के वाहन चालक सुरेश सालवी, बोट ऑपरेटर कैलाश मेनारिया, गोताखोर विजय नकवाल, भवानी शंकर वाल्मीकि, विपुल चौधरी, मनोज जी सी और रवि शर्मा ने कड़ी मशक्कत के बाद सफलता मिली। युवक के रेसक्यू में मनोज जी सी तथा विपुल चौधरी की विशेष भूमिका रही।