टोंक जिले में निवाई के प्रयागराज महाकुंभ में पंचदशनाम जूना अखाड़ा के स्वामी महामंडलेश्वर बालकानंद गिरी महाराज को बनाया गया। महामंडलेश्वर बनने के बाद शहर में प्रथम आगमन पर शहरवासियों द्वारा गर्म जोशी के साथ स्वागत किया गया। ग्रामीण और शहरवासियों द्वारा कोथून, गुंसी, मुंडिया, 80 फीट, खाटू श्याम मंदिर, गुर्जर छात्रावास, झिलाय रोड, पंचायत समिति कार्यालय, बड़ी का मंदिर, राधा दामोदर कुंड, जमात, नगर पालिका कार्यालय, एफ सी आई गोदाम, वनस्थली मोड, चैनपुरा फाटक, बाईपास होता हुआ जुलूस अद्वैत आश्रम हरभांवता पहुंचा।
महामंडलेश्वर बालकानंद गिरी महाराज के स्वागत में शहर वासियों ने पलक पावड़े बिछा दिए। सर्व समाज के लोगों द्वारा जगह-जगह पुष्प वर्षा और महाराज की महा आरती की। इस दौरान युवा केसरिया पताका लेकर साथ-साथ चल रहे थे। युवाओं द्वारा शहर में जमकर आतिशबाजी की गई। हजारों युवाओं द्वारा भगवान देवनारायण, भगवान श्री राम, सनातन धर्म, गौ माता, महामंडलेश्वर बालकानंद गिरी महाराज के जयकारे लगाते चल रहे थे।
इस दौरान विभिन्न सामाजिक संगठन, व्यापार मंडल, सनातन धर्म रक्षा मंच, हिंदू संगठनों द्वारा स्वागत किया गया। पंचायत समिति में प्रधान रामअवतार लांगडी द्वारा चांदी का मुकुट पहनाकर महाराज का स्वागत किया। डीजे की धुन पर भगवान के भजनों पर श्रद्धालु नाचते गाते चल रहे थे। पूरा शहर भगवा में हो गया। जुलूस के दौरान भारी मात्रा में पुलिस जाप्ता भी मौजूद रहा। श्री श्री 1008 स्वामी श्री महामंडलेश्वर बालकानंद गिरी महाराज ने श्रद्धालुओं से कहा कि सनातन धर्म का प्रचार ज्यादा से ज्यादा होना चाहिए। सभी लोगों को ज्यादा से ज्यादा गौ सेवा करनी चाहिए। धार्मिक कार्यक्रमों में सभी को बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए। देश में धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन होना चाहिए। देश के लोगों को आपस में भाईचारे की तरह रहना चाहिए।