टोंक जिले के धरती पुत्रों की लाइफ लाइन बीसलपुर बांध से फसलों की सिंचाई के लिए छोड़े गए नहरों में पानी आठ दिन में भी 12 किलोमीटर पार नहीं कर पाया है। किसान पानी का इंतजार टकटकी लगाए कर रहे हैं, लेकिन अधिकारी सुध नहीं ले रहे हैं।
किसानों ने आरोप लगाते हुए कहा है कि बीसलपुर सहित बीसलपुर परियोजना के अंतर्गत आने वाला दाखियां बांध की नहरें 20 नवंबर को खोली गई थी। उसके उपरांत टेल पर पानी नहीं पहुंचा। दाखियां बांध हेड से टेल तक की दूरी मात्र 12 किलोमीटर है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने आठ दिन में आठ किलोमीटर से भी कम नहर चलाई है। जबकि सिंचाई नीति के अनुसार, टेल से सिंचाई करने का होता है। इससे किसानों में रोष व्याप्त है।
आज किसानों ने नहर के आठ नंबर आउट लेट पर प्रदर्शन कर चेतावनी जारी किया कि कल तक पानी नहीं पहुंचा तो 29 तारीख से धरना चालू किया जाएगा। मेहंदवास मालियों की झोपड़ा अमीनपुर नवाबपुरा अरनिया नील 16, 50 हेक्टेयर जमीन सिंचित होनी है। किसान रामस्वरूप सैनी का कहना है कि रात भर पानी का इंतजार में बैठे रहते हैं। विभाग न तो गशत कर रहा है न ही पानी चोरी रोक रहा है। फसलें पानी के अभाव में बिगड़ने की स्थिति में हैं।
किसान नेता भरतराज ने बताया कि दो साल पहले कलेक्टर के आदेश पर परियोजना के एक्शन और एईन और किसानों के साथ समझौता हुआ था। उस समय कहा था कि सिंचाई नीति के अनुसार टेल से सिंचाई होगी। दिन-रात पेट्रोलिंग की जाएगी। पानी चोरी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही वर्तमान कलेक्टर ने भी पानी चोरी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था। जगह-जगह अंडर ग्राउंड पाइप लगाकर पानी चोरी कर रहे हैं। बीसलपुर लिंग माइनर से आठ क्यूसिक पानी मिलना था, जो की नहीं मिल रहा है। अभी ऐसे में देखना है कि टेल के किसानों को पानी कैसे मिलेगा।