जिले का प्रसिद्ध धार्मिक स्थल डिग्गी कल्याणजी जहां पर लक्खी मेले के दौरान एक दिन में करीब 5 से 10 लाख श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं, प्रशासन की अनदेखी के चलते अव्यवस्थाओं का शिकार हो चला है। जनरेटर में डीजल भरवाने का बजट जारी नहीं करने से मंदिर परिसर में जनरेटर और कैमरे सहित अन्य उपकरण बंद पड़े हुए हैं। लाइट जाने के बाद परिसर में अंधेरा छा जाता है, जिससे श्रद्धालुओं को अंधेरे में परिक्रमा करनी पड़ती है।
मंदिर पुजारी दयाशंकर शर्मा ने बताया कि शुक्रवार रात आरती के समय बिजली गुल हो गई, जिससे भगवान की पूजा और भोग लगाने में काफी परेशानी हुई और श्रद्धालुओं को अंधेरे में परिक्रमा करनी पड़ी। उन्होंने बताया कि बिजली के बिना पानी की मोटर भी नहीं चलती, जिससे भगवान के भोग और रसोई बनाने में देरी हो जाती है। मंदिर पुजारी ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब मंदिर का सालाना चढ़ावा करीब 2 करोड़ रुपये है, तो व्यवस्थाओं की यह हालत क्यों है? परिसर में 65 किलोवाट का बड़ा जनरेटर मौजूद है, लेकिन डीजल न होने के कारण यह बेकार पड़ा है।
उन्होंने बताया कि 1998 में हुई डकैती के बाद मंदिर में चौकी और सुरक्षा गार्ड तैनात किए गए थे लेकिन रात्रि में लाइट न होने के कारण मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। कैमरे और अन्य उपकरण भी बिजली गुल होने पर बंद हो जाते हैं।
मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष और मालपुरा एसडीएम अमित चौधरी ने बताया कि तीन दिन पहले जनरेटर के लिए डीजल उपलब्ध करवाया गया था लेकिन बीती रात लाइट जाने पर जनरेटर क्यों नहीं चलाया गया, इसकी मुझे जानकारी नहीं है। बहरहाल श्रद्धालुओं और पुजारियों ने मंदिर प्रशासन और ट्रस्ट से जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करने की मांग की है। श्रद्धालुओं का कहना है कि इतनी बड़ी आय वाले मंदिर में ऐसी लापरवाही अस्वीकार्य है।