आज गणेश चतुर्थी के साथ ही जिले में गणेश महोत्सव की शुरुआत हो गई है। जिले के आबूरोड में गणेश उत्सव का सबसे बड़ा आयोजन होता है। सार्वजनिक गणेश महोत्सव समिति एवं शिवसेना के तत्वावधान में आबूरोड अंचल सहित जिलेभर में 5 दिवसीय गणेश महोत्सव की धूमधाम के साथ शुरुआत हो गई। महोत्सव का समापन 11 सितंबर को किया जाएगा। इस दौरान यहां विभिन्न रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
सार्वजनिक गणेश महोत्सव आयोजन के मद्देनजर शहर में पांच बंगला से लुनियापुरा पुल, शांतिकुंज पार्क के समीप एवं कुम्हार मोहल्ला सहित विभिन्न क्षेत्रों में गणेश प्रतिमाओं की स्टालों पर लोगों की भीड़ रही। आजाद मैदान, धोबी गली एवं रीको कॉलोनी सहित शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में धूमधाम के साथ भगवान गणेश की स्थापना की गई। आबूरोड में आगामी 11 सितंबर को सबसे बड़ा आयोजन होगा जब शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित प्रतिमाओं को एक साथ जुलूस के रूप में निकालकर विसर्जन के लिए ले जाया जाएगा। इसे लेकर सार्वजनिक गणेश महोत्सव समिति अध्यक्ष उमेश छंगाणी, नरेंद्र अग्रवाल, शिवसेना प्रमुख सुरेंद्रसिंह कच्छावा, लालाराम खारवाल, नरेश लोधी, शैलेष ओरिया, मुकेश गुरुजी, मनोज सिंगला, धीरज चौरसिया, मुकेश बदलिया, राजू ट्रेलर, निरंजन, हैप्पी, ओड़िआ अग्रवाल एवं पार्षद चंद्र रेखा अग्रवाल आदि व्यवस्थाओं में लगे हुए हैं।
आबूरोड में सबसे बड़े स्तर पर गणपति महोत्सव मनाया जाता है। शिवसेना के पूर्व नगर अध्यक्ष लालाराम खारवाल ने बताया कि 39 साल पहले आबूरोड में गणपति महोत्सव की शुरुआत हुई थी। उस दौरान पहली बार शहर के आजाद मैदान एवं लुनियापुरा में गणपति प्रतिमाएं स्थापित की गई थीं और अब 125 से ज्यादा जगहों पर सार्वजनिक महोत्सव मनाया जाता है।