सिरोही जिले में बिहारी समाज के लोगों द्वारा छठ महापर्व पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार मनाया गया। माउंट आबू के नक्की लेक एवं आबूरोड के टीएफआई कॉलोनी, तलेटी एवं आकराभट्टा सहित जिलेभर में बिहारी समाज की महिलाओं ने शुक्रवार सवेरे उगते सूरज को अर्घ्य देकर व्रत खोले। इस दौरान कार्यक्रम आयोजन स्थलों पर भक्तिमय माहौल बना रहा।
गौरतलब है कि गुजरात सीमा से सटे सिरोही जिले में काफी संख्या में बिहारी लोग रहते हैं। छठ महापर्व बड़ी आस्था का प्रतीक होने से हर परिवार के लोग बढ़-चढकर इसमें सम्मिलित होते हैं। छठ महापर्व आयोजन के तहत माउंट आबू में नक्कीलेक, आबू रोड में टीएफआई कॉलोनी, आकराभट्टा एवं तलेटी सहित जिलेभर में शुक्रवार सवेरे से ही आयोजन स्थलों पर पूजा की सामग्री के साथ महिलाओं की भीड़ जमा हो गई थी। इन महिलाओं ने सवेरे पूरे विधि-विधान के साथ पानी में खड़े रहकर उगते सूरज को अर्घ्य दिया तथा अपने व्रत खोले।
इससे पूर्व इन महिलाओं द्वारा गुरुवार शाम को सूरज के प्रतीक सोता के चारों ओर बैठकर परंपरानुसार पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद मिठाई, फल, नैवैघ का भोग लगाकर परिवार एवं समाज की खुशहाली की कामना की गई। इस दौरान माउंट आबू की नक्की लेक के किनारे सुंदर दृश्य देखने को मिला। महिलाओं ने सवेरे सूरज की पहली किरण के साथ 36 घंटे से चल रहे व्रत अनुष्ठान का पूजा के साथ समापन किया। पूरे शहर में महोत्सव को लेकर रौनक का माहौल बना रहा।
माउंट आबू का सबसे ठंडा दिन रहा
राजस्थान के कश्मीर कहे जाने वाले माउंट आबू में शुक्रवार को इस मौसम का सबसे ठंडा दिन रहा। मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को यहां का तापमान 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस दौरान विभिन्न स्थानों पर लोग ठंड से बचाव के लिए अलाव तापते नजर आए।