जालौर जिले आहोर में 26 मार्च को एक नाबालिग ने अपने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इस घटना के बाद परिजनों ने मानसिक प्रताड़ना और दबाव के चलते आत्महत्या करने का आरोप लगाया। परिजनों का कहना है कि एक विशेष समुदाय के युवक ने नाबालिग को परेशान किया, जिससे तंग आकर उसने यह कदम उठाया।
परिजनों ने निष्पक्ष जांच और आरोपी को कड़ी सजा दिलाने की मांग की। घटना के चार दिन बाद 30 मार्च को घांची समाज और हिंदू संगठनों के आह्वान पर हजारों लोगों ने आहोर उपखंड मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। सुबह करीब नौ बजे सेठ सांवरिया मंदिर में समाज के लोग एकत्र हुए और वहां से एक रैली के रूप में उपखंड कार्यालय तक पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने जालौर-पाली मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर फांसी की सजा दी जाए।
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विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम उपखंड अधिकारी (एसडीएम) को ज्ञापन सौंपा, जिसमें निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की गई। प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए। भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया, ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे।
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प्रदर्शन के समर्थन में आहोर के व्यापारियों ने भी बाजार बंद रखा। शहर के अधिकांश व्यापारिक प्रतिष्ठान और दुकानों के शटर बंद रहे, हिंदू संगठनों और समाज के लोगों ने इस बंद को सफल बताया और प्रशासन से जल्द कार्रवाई करने की मांग की। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है, परिजनों के आरोपों के आधार पर संबंधित युवक के खिलाफ पूछताछ की जा रही है, पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल, इलाके में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात है।