शाहपुरा को जिले का दर्जा समाप्त किए जाने के विरोध में कांग्रेसजनों ने आज एसडीओ कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और विधायक डॉ. लालाराम बैरवा का पुतला जलाया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने शाहपुरा के जिले के दर्जा समाप्त किए जाने को क्षेत्र के विकास और जनता के अधिकारों पर हमला बताया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय शाहपुरा की जनता के साथ अन्याय है और इसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम साक्षीपुरी को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि शाहपुरा का जिला दर्जा तुरंत बहाल किया जाए। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि यदि इस निर्णय को वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
पुतला दहन और ज्ञापन सौंपने के दौरान कांग्रेस के कई वरिष्ठ और स्थानीय नेता उपस्थित रहे। इनमें पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष अशोक भारद्वाज, पीसीसी सदस्य संदीप जीनगर, पूर्व पीसीसी सदस्य राजकुमार बैरवा, गांधी दर्शन समिति के सदस्य अविनाश शर्मा, पूर्व पालिका उपाध्यक्ष नमन ओझा, पूर्व नगर अध्यक्ष राजेंद्र चौधरी, कांग्रेस नेता सुनील मिश्रा, सोमेश्वर व्यास, प्रभु सुगंधी और मंडल अध्यक्ष कैलाश फामड़ा प्रमुख रूप से शामिल रहे।
नेताओं ने कहा कि शाहपुरा का जिला दर्जा समाप्त करना एक राजनीतिक चाल है, जो क्षेत्र के विकास को रोकने के लिए उठाया गया कदम है। उन्होंने यह भी कहा कि इस फैसले से जनता में भारी रोष है और सरकार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
कांग्रेसजनों ने साफ किया कि शाहपुरा का जिला बचाने के लिए उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार को जनता की आवाज सुननी होगी और इस फैसले को वापस लेना होगा। प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे और सरकार के खिलाफ हर मंच पर विरोध करेंगे।
प्रदर्शन में स्थानीय जनता का भी समर्थन देखने को मिला। लोग बड़ी संख्या में इकट्ठा हुए और उन्होंने कांग्रेसजनों के साथ मिलकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। लोगों ने कहा कि शाहपुरा का जिला दर्जा बहाल होना चाहिए क्योंकि यह क्षेत्र के विकास और प्रशासनिक सुविधा के लिए अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम के समापन पर कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह केवल एक शुरुआत है और सरकार के खिलाफ यह आंदोलन तब तक चलेगा, जब तक शाहपुरा का जिला दर्जा बहाल नहीं किया जाता। उन्होंने जनता से अपील की कि वे इस आंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर अपनी आवाज बुलंद करें।