खाड़ी देशों में भारतीयों को आ रही मुसीबतें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। आए दिन उन पर दुखों के पहाड़ टूटते रहते हैं। जालंधर जिले के पत्तर कलां के गुरप्रीत सिंह और सोढ़ी राम अपनी घर की गरीबी खत्म करने के लिए कर्जा उठा कर साल 2024 में कुवैत गए थे। ट्रैवल एजेंटों ने उन्हें धोखा दिया और कुवैत भेजने की बजाय इराक भेज दिया। जहां उन्हें एक कंपनी में बंदी बना लिया गया। इराक में दोनों ने यातनाएं झेली। कंपनी ने उन्हें खाने को रोटी तक नहीं दी।