पंजाब में 13 जनवरी को लोहड़ी और 14 जनवरी को मकर संक्रांति का त्योहार बड़े ही श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है। इस पर्व की शुरुआत आमतौर पर एक सप्ताह पहले से ही हो जाती है। पुराने समय में लोहड़ी का त्योहार परिवार में बेटे के जन्म या बेटे की शादी की खुशी में मनाया जाता था, लेकिन बदलते समय के साथ अब यह त्योहार बेटी के जन्म की खुशी में भी पूरे हर्षोल्लास से मनाया जाने लगा है। आज समाज में यह धारणा मजबूत हो चुकी है कि लड़कियां किसी भी क्षेत्र में लड़कों से कम नहीं हैं। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए लोहड़ी जैसे पारंपरिक त्योहार को बेटियों के सम्मान और खुशी से जोड़कर मनाया जा रहा है। इसी कड़ी के तहत आज मोगा शहर में समाज सेविका जश ढिल्लो,रिम्पी ग्रेवाल और सोनिका बेदी की ओर से शहर की महिलाओं के साथ मिलकर लड़कियों की लोहड़ी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महिलाओं ने गिद्दा डाला, ढोल की थाप पर बोलियां डालीं और पारंपरिक अंदाज में त्योहार की खुशियां मनाईं। कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं ने बेटियों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं और लड़कियों के प्रति सोच बदलने में अहम भूमिका निभाते हैं।