केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा को समाप्त करने के फैसले के विरोध में सेंट्रल ट्रेड यूनियन ऑफ इंडिया ने मंगलवार को भी विभिन्न गांव में मोदी सरकार के पुतले और नए कानून की प्रतियां जलाकर प्रदर्शन किया। कालसां, धुरकोट,फेरूराइ, नत्थोवाल, बस्सियां आदि गांवों के लोगों की सभा को संबोधित करते हुए पंजाब सीटू उपाध्यक्ष कामरेड दलजीत कुमार गोरा ने भगवंत मान सरकार से मांग की कि वीबी जी राम जी बिल के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव पारित करके रद्द किया जाए। उन्होंने मांग की के पंजाब सरकार पुराने मनरेगा कानून को राज्य में लागू रखे। कामरेड गोरा ने केरल सरकार की उदाहरण देते हुए कहा कि उसकी तर्ज पर पंजाब सरकार को भी इस कानून और मनरेगा श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा करनी चाहिए।कामरेड गोरा ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि सीटू के नेतृत्व में मनरेगा श्रमिक संघ इस नए कानून का विरोध करते हुए इसे लागू होने से हर हाल में रोकेगा फिर चाहे इसके लिए कोई भी कुर्बानी देनी पड़े। मनरेगा पंजाब के सीनियर उपाध्यक्ष डॉ प्रकाश सिंह बरमी ने कहा कि पंजाब के सभी गांव में इस विधेयक का लगातार विरोध हो रहा है, केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुतले और नए कानून की प्रतियां जलाई जा रही हैं। 10 जनवरी को रायकोट के बस्सियां में राज्य स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसे सीटू और मनरेगा की केंद्रीय लीडरशिप के नेता संबोधित करेंगे। इसके बाद लुधियाना जिले में तीन बड़ी विरोध रैलियां निकाली जाएंगी, जिनमें पंजाब के हजारों मजदूर किसान और समाजसेवी भाग लेंगे।मंगलवार को हुए प्रदर्शन में रुलदा सिंह गोबिंदगढ़, गुरमेल सिंह, हरबंस सिंह फरुराई,सरपंच मनदीप सिंह, गुरप्रेम सिंह, प्रितपाल सिंह बिट्टा, बहादुर सिंह नूरपुरा और लाभ सिंह आदि मजदूर नेता उपस्थित थे।