दो ट्रेनों को आग लगने से बचाने वाले सुरजीत सिंह एक बार फिर अपने दस्तावेज जमा कराने के लिए डीआरएम कार्यालय पहुंचे। सुरजीत सिंह ने बताया कि वह पहले भी दो बार सिंगल विंडो पर अपना रिकॉर्ड जमा कर चुके हैं, लेकिन अधिकारियों ने उन्हें बताया कि उनके पास संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। इसके बाद उन्होंने तीसरी बार सभी दस्तावेज दोबारा सिंगल विंडो पर जमा कराए हैं। सुरजीत सिंह का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि इस बार उनके दस्तावेज सुरक्षित रहेंगे और मामले में उचित कार्रवाई होगी। उन्होंने यह भी बताया कि इस दौरान उनकी डीआरएम संजीव कुमार से मुलाकात नहीं हो सकी। सुरजीत ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग करते हुए कहा कि उन्हें अपने कार्य का उचित सम्मान और इंसाफ मिलने की उम्मीद है।