फिरोजपुर में इंकलाबी विरासत प्रचार मंच पंजाब ने पंजाब सरकार से मांग की है कि फिरोजपुर शहर तूड़ी बाजार स्थित शहीद-ए-आजम भगत सिंह और उनके साथियों के गुप्त ठिकाने को म्यूजियम और लाइब्रेरी में तब्दील किया जाए। ताकि शहीदों की जीवनी संबंधी नयी पीढ़ी को भी जानकारी मिल सके। मंच के पंजाब प्रधान बलबीर लोंगोवाल और स्टेट जनरल सेक्रेटरी और खौजी लेखक राकेश कुमार ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से मांग की है कि फिरोजपुर में शहीद भगत सिंह और उनके क्रांतिकारी साथियों के गुप्त ठिकाने को म्यूजियम और लाइब्रेरी में बदलने की शहीदी दिवस 23 मार्च को हुसैनीवाला बॉर्डर स्थित शहीदी स्मारक पर लगने वाले मेले में इसकी घोषणा करें। उक्त ठिकाने में क्रांतिकारी देश को अंग्रेजों से आजाद करवाने के लिए रणनीति तैयार करते थे। भगत सिंह ने अपनी क्रांतिकारी पार्टी की जरूरतों के हिसाब से यहीं अपने केश और दाढ़ी कटवाई थी। सॉन्डर्स मर्डर की यहीं पर योजना बनाई थी। उक्त ठिकाने के बारे में रिसर्च के बाद सरकार ने 2015 में इसे एक सुरक्षित इमारत घोषित कर नोटिफिकेशन जारी कर दिया था, लेकिन इस पर कब्जा करके इसे म्यूजियम और लाइब्रेरी में नहीं बदला। ठिकाने पर क्रांतिकारी गया प्रसाद रहते थे। उन्होंने नीचे एक डिस्पेंसरी और ऊपर एक घर खोला था। वे यहां बम बनाने का सामान इकट्ठा करते रहे थे। आम आदमी पार्टी की सरकार, जो खुद को भगत सिंह का तथाकथित वारिस कहती है, ने भी खटकड़ कलां में शपथ ग्रहण समारोह किया था, लेकिन आज तक इस जगह के बारे में कुछ नहीं किया। मंच के वाइस प्रेसिडेंट जुझार लोंगोवाल, फाइनेंस सेक्रेटरी लाभ छाजला और प्रेस सेक्रेटरी जसबीर नमोल ने मांग की कि सरकार इस मामले में ईमानदारी दिखाए और क्रांतिकारी विरासत का इस्तेमाल लोगों में देशभक्ति की भावना जगाने और सिखाने के लिए करे। ------