फिरोजपुर के सीमावर्ती गांव भाने वाला निवासी किसान गुरदेव सिंह और बाज सिंह ने बताया कि बाढ़ आने के कारण उनके खेतों में रेत और चिकनी मिट्टी भर गई थी । जिसके चलते आलू की फसल नहीं हो पाई और यहां पर लगभग 300 एकड़ से ज्यादा जमीन में आलू की बिजाई की जाती थी। चिकनी मिट्टी को निकाल कर दोबारा से आलू की फसल की बिजाई की है लेकिन यह फसल देरी से होने के चलते किसानों को उतना दाम नहीं मिल पाएगा । जितना पहले मिलना था । सरकार ने इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया है ।