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फरीदकोट में करवा चौथ की धूम, फैंसी थालियों और चूड़ियों की बढ़ी मांग

करवा चौथ के त्योहार ने फरीदकोट के बाजारों में रौनक बढ़ा दी है। बाजारों में हो रही खरीदारी के बीच जहां महिलाओं में सजने-संवरने और त्योहार को खास बनाने का उत्साह नजर आ रहा है, वहीं पारंपरिक मिट्टी के बर्तन बनाने वाले कारीगरों के सामने कारोबार बचाने की चुनौती भी बनी हुई है। इस बार बाजारों में परंपरागत पूजन सामग्री के साथ आधुनिक डिजाइन के श्रृंगार सामान की भी खूब मांग दिखाई दे रही है। मनियारी की दुकानों पर फैंसी करवा थालियां, आकर्षक चूड़ियां और अन्य श्रृंगार सामग्री महिलाओं को लुभा रही हैं। मेहंदी लगवाने के लिए युवतियों की भीड़ है, जबकि कपड़ों की दुकानों और ब्यूटी पार्लरों में भी त्योहार की तैयारी देखने को मिल रही है। सरगी के लिए मिठाइयों, मठ्ठियों और फेनियों की खरीदारी भी जारी है। दुकानदारों के मुताबिक, अब महिलाएं केवल परंपरा निभाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि त्योहार को अपने अंदाज में मनाने पर भी ध्यान दे रही हैं। सोशल मीडिया पर रील बनाने और तस्वीरें साझा करने के चलन ने फैंसी सामान की मांग को बढ़ावा दिया है। यही कारण है कि बाजार में नए डिजाइन और आकर्षक रंगों वाले उत्पाद अधिक पसंद किए जा रहे हैं। मेहंदी लगवाने आई एक युवती ने बताया कि करवा चौथ का आकर्षण अब विवाहित महिलाओं के साथ कुंवारी युवतियों में भी देखने को मिल रहा है। त्योहार पर सुंदर दिखने के लिए मेहंदी, विशेष परिधान और पार्लर में तैयार होने का चलन बढ़ा है। दूसरी ओर, मिट्टी के करवे और दीये बनाने वाले कुम्हारों की चिंता अलग है। करवा चौथ पर मिट्टी के बर्तनों की धार्मिक और पारंपरिक महत्ता होने के बावजूद बाजार में चाइनीज और अन्य सजावटी सामान की उपलब्धता उनके कारोबार को प्रभावित कर रही है। मिट्टी के बर्तन बनाने वाली आशा देवी के अनुसार, पहले त्योहारों के दौरान मिट्टी के करवे और दीयों की बिक्री से कारीगरों को अच्छी उम्मीद रहती थी, लेकिन अब बिक्री में कमी महसूस हो रही है। करवा चौथ के बाजार इस तरह एक ओर बदलते फैशन और सोशल मीडिया के प्रभाव को दर्शा रहे हैं, तो दूसरी ओर पारंपरिक कारीगरी के सामने खड़ी चुनौतियों की भी तस्वीर पेश कर रहे हैं।

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