टांडा के पूर्व थाना प्रभारी गुरजिंदरजीत सिंह नागरा को सोमवार को कथित जबरन वसूली मामले में दासूया सिविल कोर्ट में पेश किया गया। तीन दिन के पहले से मिले पुलिस रिमांड की अवधि पूरी होने के बाद अदालत ने उनका पुलिस रिमांड एक दिन और बढ़ा दिया। मामला गांव मियाणी के बलविंदर सिंह हत्याकांड से जुड़ा है। आरोप है कि हत्या मामले में नामजद व्यक्तियों के नाम केस से निकलवाने के नाम पर करीब 16 लाख रुपये की कथित जबरन वसूली की गई। एसपी (देहात) जालंधर की जांच रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने के बाद गुरजिंदरजीत सिंह नागरा को निलंबित कर दिया गया था। इस संबंध में थाना टांडा, जिला होशियारपुर में एफआईआर नंबर 20, दिनांक 16 जनवरी 2026 के तहत भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 13 तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 308 के तहत मामला दर्ज किया गया है। नागरा के वकील संदीप शर्मा ने अदालत में दलील दी कि उनके मुवक्किल को पर्याप्त साक्ष्यों और ठोस तथ्यों के बिना गिरफ्तार किया गया है। वहीं, वकीलों की हड़ताल के कारण उनके वकील स्वयं अदालत में उपस्थित नहीं हो सके और उनकी ओर से मुंशी ने पेश होकर पक्ष रखा। पुलिस ने अदालत को बताया कि गुरजिंदरजीत सिंह नागरा का मोबाइल फोन अभी तक बरामद नहीं हो सका है, जो जांच के लिए महत्वपूर्ण साक्ष्य है। इसी आधार पर पुलिस ने पूछताछ और मोबाइल की बरामदगी के लिए एक दिन का अतिरिक्त रिमांड मांगा। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पुलिस की मांग स्वीकार करते हुए एक दिन का अतिरिक्त पुलिस रिमांड मंजूर कर लिया।