फिरोजपुर की डिप्टी कमिश्नर दीपशिखा शर्मा ने बताया कि कृषि एवं किसान कल्याण विभाग किसानों को पराली जलाने से रोकने के लिए इन-सीटू प्रबंधन और एक्स-सीटू प्रबंधन विधियों के बारे में जागरूक कर रहा है। जिले के विभिन्न ब्लॉकों में किसान विभागीय अनुदान से प्राप्त आधुनिक मशीनों का उपयोग करके खेत तैयार कर रहे हैं और गेहूं की बिजाई कर रहे हैं। ब्लॉक जीरा के गांव वकील वाला के किसान गुरजिंदर सिंह ने 50 एकड़ जमीन पर मल्चर, रोटावेटर और एमबी प्लाऊ का उपयोग करके पराली को बिना आग लगाए खेत तैयार किए हैं। ब्लॉक गुरुहरसहाय के गांव ईसा पंज गराई के किसान बगीचा सिंह ने विभाग के सहयोग से दो एकड़ जमीन पर सुपर सीडर से गेहूं की बिजाई की और पराली को खेत में ही नष्ट कर दिया। इसी प्रकार, गांव लखमीरपुरा और छोटा जंड वाला में किसान बेअंत सिंह और राजिंदर सिंह ने विभागीय अनुदान से प्राप्त बेलर मशीनों का उपयोग करके क्रमशः 20 और 22 एकड़ भूमि की पराली की गांठें बनाई। मुख्य कृषि अधिकारी बलविंदर सिंह, एडीओ नवीन खन्ना और नोडल अधिकारी बलविंदर सिंह ने गांव जामा रखिया हिठाड़ (ब्लॉक ममदोट) में किसानों के कस्टम हायरिंग सेंटर का दौरा किया, जहाँ सब्सिडी वाली मशीनों से गेहूँ की बिजाई चल रही थी। ब्लॉक जीरा के गांव मेहर सिंह वाला के किसान मेजर सिंह छह एकड़ भूमि पर मल्चर और हल से खेत तैयार कर रहे हैं, जबकि गुरचरण सिंह (गाँव फेरो के) ने 32 एकड़ भूमि पर गांठें बनाई हैं।