अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी गुरजीत तूत की कथित ड्रग ओवरडोज के कारण हुई मौत ने पंजाब में नशे की गंभीर समस्या पर बहुत बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि हमारे अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी भी नशे की भेंट चढ़ रहे हैं, तो पंजाब सरकार अब इस मुद्दे पर चुप रहने की बजाय जनता के सामने आकर जवाब दे। पंजाब में नशे की आपूर्ति (सप्लाई) कौन कर रहा है? नशा रोकने के लिए सरकार द्वारा किए गए दावों का ज़मीनी परिणाम क्या है? और सबसे बड़ा सवाल—युवाओं की कीमती जिंदगियां कब तक नशे की भेंट चढ़ती रहेंगी? यह सिर्फ एक परिवार का दुख नहीं, बल्कि पूरे पंजाब की चिंता है।