हुसैनीवाला बार्डर के सीमावर्ती ग्रामीणों ने कहा ऑपरेशन सिन्दूर के बाद पाकिस्तान कभी भारत पर हमला करने की गलती नहीं करेगा। उसे अपनी औकात पता चल गई है। ग्रामीण बोले मौजूदा समय में युद्ध के दांव-पेंच में काफी बदलाव आया है, अब जंग जैसे माहौल में गांव छोड़कर कहीं नहीं जाएंगे। ग्रामीण कर्मजीत सिंह वासी सीमांत गांव गट्टी राजोके व भजन सिंह वासी खुंदड़ गट्टी ने कहा कि भारत के सैनिकों ने पाकिस्तानी ड्रोनों को आसमान में ही ध्वस्त कर दिया था। उस समय उनका कामकाज प्रभावित हुआ था। लेकिन अब अच्छा काम चल रहा है। आपरेशन सिन्दूर के बाद से ग्रामीणों के मन में पाकिस्तान की तरफ से हमला करने का जो डर था वो हमेशा के लिए खत्म हो गया है। क्योंकि पाकिस्तान ने वर्ष 1971 में धोखे से युद्ध किया था, यही डर ग्रामीणों के दिलों में बैठा हुआ था। जागीर सिंह वासी गांव हजारा सिंह वाला का कहना है कि सीमावर्ती गांवों लोग बेखौफ होकर अपनी खेती-बाड़ी कर रहे हैं। आपरेशन सिन्दूर के बाद लोगों का डर बिल्कुल खत्म हो गया है। जो खेत सेना के लिए खाली कर दिए थे, उन्हीं खेतों में फसलें लहलहा रही हैं। कुछ दिन पहले ही ग्रामीणों ने गेहूं की फसल काटी है। ग्रामीण फेंसिंग पार खेतों में भी खेती करने जा रहे हैं। ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए बीएसएफ साथ जाते हैं।