तलवंडी साबो में जगा रजवाहे में आधी रात को बीस फुट से ज्यादा की दरार पड़ गईं, जिस कारण रजवाहे से पानी खेतों में चल गया और साै एकड़ से ज्यादा फसल तबाह होने का अनुमान लगाया जा रहा है। जब ग्रामीणों को पता चला तो उन्होंने अपने स्तर पर दरार को भरने का काम शुरू कर दिया, वही जिला प्रशासन की ओर से मंगलवार सुबह राहत कार्य शुरू किया गया। किसानों का कहना था कि कपास की फसल पर पहले गुलाबी और सफेद मक्खी का हमला हो गया था, अब कुदरती आफ्त कारण कपास की फसल तबाह हो रही। इसी तरह रामपुरा के गांव जियोन्द में भारी बारिश का पानी खेतो में भर गया। जिसके बाद किसानों ने बारिश के पानी की निकासी के लिए अपने स्तर पर प्रबंध शुरू कर दिए। किसान जगसीर ने कहा कि आप सरकार को पहले से कुदरती आफ्त के लिए प्रबंध करने चाहिए थे। लेकिन सरकार ने पहले कोई प्रबंध नही किया। जब किसानों का नुकसान हो जाता है, उसके बाद सरकार की आंख खुलती है। किसानों ने मांग की कि पीडत किसानों को जल्दी उचित मुआवजा दिया जाए।