जीरा में 15 अगस्त के मौके पर 1158 सहायक प्रोफेसर एवं लाइब्रेरियन फ्रंट की ओर से मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ फिरोजपुर में रोष प्रदर्शन करने जा रहे थे। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई, जिसके बाद 150 से अधिक सहायक प्रोफेसरों को गिरफ्तार कर अलग-अलग थानों में बंद कर दिया गया। प्रदर्शनकारी 13 अगस्त को मुख्यमंत्री के साथ तय बैठक रद्द किए जाने का विरोध कर रहे थे। फ्रंट नेताओं ने कहा कि 4 अगस्त को चंडीगढ़ में प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने 13 अगस्त को मुख्यमंत्री के साथ बैठक का लिखित आश्वासन दिया था, लेकिन बैठक नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि पीएचडी तक उच्च शिक्षा प्राप्त युवा पिछले कई वर्षों से रोजगार के लिए संघर्ष कर रहे हैं। डॉ. सोहेल ढिल्लों ने कहा कि 1158 परिवारों का भविष्य भर्ती रद्द होने के कारण संकट में है। वहीं डॉ. परमजीत सिंह ने मांग की कि पंजाब सरकार विधानसभा में विशेष एक्ट पारित कर 1158 सहायक प्रोफेसरों और लाइब्रेरियनों के रोजगार को स्थायी रूप से सुरक्षित करे। डॉ. करमजीत सिंह और प्रो. प्रितपाल सिंह ने चेतावनी दी कि गिरफ्तार साथियों को रिहा नहीं किया गया और रोजगार सुरक्षित करने के लिए कानून नहीं बनाया गया तो आने वाले दिनों में राज्य स्तरीय संघर्ष और तेज किया जाएगा।