पंजाब की राजनीति में शुक्रवार को उस समय हलचल तेज हो गई, जब शिरोमणि अकाली दल (बादल) के प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। दोनों नेताओं की इस मुलाकात के बाद पंजाब की सियासत में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या कभी पुराने सहयोगी रहे भाजपा और अकाली दल एक बार फिर चुनावी गठबंधन कर सकते हैं। दोनों दल लंबे समय तक पंजाब में गठबंधन सहयोगी रहे हैं, लेकिन कृषि कानूनों को लेकर किसान आंदोलन के दौरान उनके रिश्तों में दरार आ गई थी। इसके बाद 2022 विधानसभा और 2024 लोकसभा चुनाव दोनों पार्टियों ने अलग-अलग लड़े।2027 का पंजाब विधानसभा चुनाव आम आदमी पार्टी, कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल के बीच बहुकोणीय मुकाबले का रूप ले सकता है। ऐसे में भाजपा और अकाली दल के बीच संभावित तालमेल चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।हालांकि, मोदी और सुखबीर बादल की मुलाकात के बाद गठबंधन को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि बैठक में 2027 चुनाव को लेकर कोई ठोस चर्चा हुई या नहीं।वहीं, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस मुलाकात पर तंज कसा। उन्होंने X पर लिखा, “ना ना करते प्यार तुम्हीं से कर बैठे।” इसके साथ ही उन्होंने संभावित गठबंधन को लेकर भी सवाल उठाए।