तरनतारन के श्री खडूर साहिब में गांव वल्टोहा संधुआं के सरपंच झरमल सिंह की हत्या के मुख्य शूटर को पुलिस ने मंगलवार को मुठभेड़ में मार गिराया। मृतक हरनूर सिंह उर्फ नूर अमृतसर के गांव कत्थूनंगल का रहने वाला था। वह गैंगस्टर प्रभ दासूवाल के लिए काम करता था। पुलिस ने मौके से एक पिस्टल और बिना नंबर की मोटरसाइकिल बरामद की है। डीआईजी स्नेहदीप शर्मा और एसएसपी सुरेंद्र लांबा ने बताया कि सूचना मिली थी कि सरपंच झरमल सिंह की हत्या करवाने वाले गैंगस्टर प्रभ दासूवाल के गुर्गे क्षेत्र में अन्य वारदातों की फिराक में सक्रिय हैं। इसके बाद एसपी (इन्वेस्टिगेशन) रिपुतपन सिंह और डीएसपी (इन्वेस्टिगेशन) जगजीत सिंह चहिल के नेतृत्व में सीआईए स्टाफ की विशेष टीम ने भिखीविंड क्षेत्र में नाकाबंदी और चौकसी बढ़ा दी।मंगलवार बाद दोपहर पुलिस टीम ने बिना नंबर की मोटरसाइकिल पर सवार एक संदिग्ध को रुकने का इशारा किया आरोपी ने रुकने के बजाय पुलिस पार्टी पर गोलियां चला दीं। बुलेटप्रूफ जैकेट पहने होने के कारण एक पुलिसकर्मी की जान बच गई। इसके बाद एसएसपी सुरेंद्र लांबा की अगुवाई में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें गोली लगने से आरोपी मौके पर ही ढेर हो गया। एसएसपी लांबा ने बताया कि सरपंच झरमल सिंह से गैंगस्टर प्रभ दासूवाल ने दो बार रंगदारी मांगी थी। इससे पहले दासूवाल के गुर्गों ने सरपंच पर जानलेवा हमला भी किया था जिसमें उसकी आढ़त का मुनीम घायल हुआ था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रविवार को हुई सरपंच की हत्या से पहले हरनूर सिंह उर्फ नूर ने प्रभ दासूवाल के कहने पर रेकी की थी। हालांकि वह हत्या करने वाले शूटरों में शामिल था या नहीं, इसकी जांच अभी जारी है।