जालंधर के बीएसएफ हेडक्वार्टर के बाहर हुए स्कूटी ब्लास्ट मामले में 20 वर्षीय गुरप्रीत सिंह को गहन पूछताछ के बाद पुलिस ने छोड़ दिया है। रिहाई के बाद गुरप्रीत ने कहा कि वह पांच मई को बीएसएफ से रिटर्न पार्सल लेने गया था। इसी दौरान परिवार से फोन पर बात करते समय उसकी स्कूटी में जोरदार धमाका हो गया। गुरप्रीत ने बताया कि धमाके के बाद वह जान बचाने के लिए बीएसएफ हेडक्वार्टर की तरफ भागा, जबकि ब्लास्ट होते ही मुख्य गेट बंद कर दिया गया। कुछ देर बाद पुलिस मौके पर पहुंची और पूछताछ के बाद उसे मेडिकल सहायता दी गई। गुरप्रीत ने कहा कि ब्लास्ट में वह गंभीर रूप से घायल हो गया और उसे दाहिने कान से कम सुनाई दे रहा है। उसने सरकार से हुए नुकसान की भरपाई और सरकारी नौकरी देने की मांग की है। गुरप्रीत ने कहा कि इस घटना के बाद उसकी छवि खराब हुई है और उसकी नौकरी भी चली गई। परिवार ने बताया कि गुरप्रीत 4 बहनों का इकलौता भाई है और पूरे घर की जिम्मेदारी उसी पर थी। परिवार पहले से कर्ज में डूबा हुआ है। माता-पिता ने सरकार से मदद की अपील करते हुए कहा कि उनका बेटा घायल अवस्था में किसी काम के लायक नहीं बचा और परिवार आर्थिक संकट में फंस गया।