हरियाणा के सरकारी विभागों में चल रहे करोड़ों के घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो ने एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है। दस जुलाई 2025 को हरियाणा के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी पंकज अग्रवाल ने घोटाले की पटकथा लिखी थी। पंकज अग्रवाल कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के प्रधान सचिव बने, तब उन्होंने स्वयं व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप करके आईडीएफसी फर्स्ट बैंक खाता खुलवाने का प्रस्ताव बनाया। जब अधीनस्थ अधिकारियों ने एफडी के माध्यम से पैसा सुरक्षित रखने का सुझाव दिया, तो पंकज अग्रवाल ने उन पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि वे बिना वित्त विभाग की औपचारिक मंजूरी के ही खाता खोलें। उसके बाद चंडीगढ़ सेक्टर-32 के आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में बिना किसी प्रशासनिक आवश्यकता के नया बैंक खाता खुलवाया। सीबीआई के अनुसार बैंक में 50 करोड़ रुपये से ज्यादा फंड नहीं रख सकते थे, लेकिन पंकज अग्रवाल ने रसूख का इस्तेमाल कर नियमों को ताक पर रखकर कोटक महिंद्रा बैंक से आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में डबल फंड ट्रांसफर करवा दिया। हरियाणा के सरकारी विभागों में चल रहे करोड़ों के घोटाले में जांच के दौरान सामने आया है कि सरकारी खजाने से 10 करोड़ रुपये की बड़ी रकम एक कैंसिल चेक का इस्तेमाल करके निकाली गई थी। एजेंसी ने धोखाधड़ी को एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा बताया है।