पटियाला में पंजाब पुलिस के पूर्व आईजी अमर सिंह चहल की ओर से खुद को गोली मारने के मामले में साइबर क्राइम सेल ने जांच तेज कर दी है। पूर्व आईजी की ओर से मुहैया कराई डिटेल के आधार पर इस पूरी जालसाजी से जुड़े 20 से अधिक बैंक खातों को फ्रीज किया गया है। इन बैंक खातों में पैसों का लेन-देन किया गया है जिसकी पुलिस की ओर से जांच की जा रही है। इसके साथ ही पूर्व आईजी ने अपने नोट में दो प्रमुख साइबर ठग रजत वर्मा व मीना भट्ट का नाम लिखा था। पूर्व आईजी की ओर से इन ठगों के साथ की गई चैट की जांच की जा रही है। रजत वर्मा ने खुद को डीबीएस बैंक के सीईओ के तौर पर पेश किया था जबकि मीना भट्ट ने खुद को रजत वर्मा का असिस्टेंट दिखाया था। पुलिस की ओर से यह भी पता लगाया जा रहा है कि आईजी को इन ठगों ने जो अपनी पहचान बताई वह सही है भी या नहीं। इसके साथ ही पूर्व आईजी जिस व्हाट्सएप ग्रुप एफ 777 वेल्थ इक्विटी रिसर्च ग्रुप से जुड़े थे उस ग्रुप में खुद को निवेशक दिखाकर जुड़ने वाले कईं लोग इस पूरे जालसाजी के रैकेट का हिस्सा ही थे। पूर्व आईजी ने भी इस संबंधी अपने नोट में आशंका जताई थी।