केंद्र सरकार के बजट को लेकर किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह बजट आम जनता और किसानों के हित में नहीं, बल्कि कॉर्पोरेट वर्ग को ध्यान में रखकर बनाया गया है। सरवन सिंह पंधेर ने आरोप लगाया कि देश पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले जहां देश पर करीब 60 लाख करोड़ रुपये का कर्ज था, वह अब बढ़कर 225 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि देश की जीडीपी का 54 प्रतिशत घाटा इस समय सामने आ रहा है, जो गंभीर चिंता का विषय है। किसान नेता ने कहा कि बजट में ग्रामीण क्षेत्रों को बहुत कम प्राथमिकता दी गई है। खेती के लिए इस बार केवल 1 लाख 62 हजार 671 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो जरूरतों के मुकाबले बेहद कम है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एक समय खेती पर बजट का हिस्सा करीब 14 प्रतिशत हुआ करता था, लेकिन अब यह घटकर केवल 2 प्रतिशत रह गया है। पंधेर ने कहा कि इससे साफ जाहिर होता है कि सरकार की प्राथमिकताओं में किसान और ग्रामीण भारत पीछे छूट गए हैं। सरवन सिंह पंधेर ने बजट को लेकर निष्कर्ष निकालते हुए कहा कि यह बजट आम जनता के लिए राहत देने वाला नहीं है, बल्कि बड़े उद्योगपतियों और कॉर्पोरेट घरानों के फायदे को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।