चंडीगढ़ पीजीआई में गरीब और गंभीर मरीजों को सस्ती दवाएं उपलब्ध कराने वाली अमृत फार्मेसी व्यवस्था अब सवालों के घेरे में है। ऑडिट में खुलासा हुआ है कि एचएलएल लाइफकेयर लिमिटेड को दी गई करीब 15 करोड़ रुपये की एडवांस राशि वर्षों बाद भी पूरी तरह समायोजित नहीं हो सकी। मामला सामने आने के बाद न केवल वित्तीय प्रक्रिया पर सवाल उठे हैं बल्कि यह चिंता भी बढ़ गई है कि यदि ऐसी गड़बड़ियां जारी रहीं तो इसका सीधा असर उन हजारों मरीजों पर पड़ सकता है जो पीजीआई में रियायती दवाओं पर निर्भर हैं। ऑडिट की रिपोर्ट के अनुसार पीजीआई प्रशासन ने 2021-22 से 2024-25 के बीच अमृत फार्मेसी के माध्यम से आयुष्मान भारत, हिमकेयर और सीजीएचएस लाभार्थियों को रियायती दवाएं उपलब्ध कराने के लिए एचएलएल लाइफकेयर लिमिटेड को 15 करोड़ रुपये का एडवांस पेमेंट किया था।