पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन की ओर से मंगलवार को अमृतसर के केंद्रीय बस स्टैंड पर जोरदार रोष प्रदर्शन किया गया। कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की मांग उठाई। यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो संघर्ष और तेज किया जाएगा। यूनियन के प्रदेश नेता जोध सिंह ने बताया कि 18 मई को कर्मचारियों ने एक दिन की सांकेतिक हड़ताल की थी। इसके बाद वित्त एवं परिवहन मंत्री हरपाल सिंह चीमा के साथ बैठक हुई, जिसमें मांगों को पूरा करने का भरोसा दिया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। कर्मचारियों ने कहा कि वे कई वर्षों से लगातार संघर्ष कर रहे हैं। उनकी मुख्य मांगों में आउटसोर्स और कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को नियमित करना, आंदोलन के दौरान दर्ज केस वापस लेना तथा बर्खास्त कर्मचारियों को बहाल करना शामिल है। यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि आंदोलन के दौरान कई कर्मचारियों पर धारा 307 जैसे गंभीर मामले दर्ज किए गए, जिन्हें रद्द किया जाना चाहिए। यूनियन के जिला कैशियर बलजीत सिंह ने बताया कि पहले 20 मई को संगरूर में बड़ा धरना प्रस्तावित था, लेकिन मंत्री के आश्वासन के बाद फिलहाल आंदोलन स्थगित किया गया है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने वादे पूरे नहीं किए तो 25, 26 और 27 मई को पंजाबभर में बड़ी हड़ताल की जाएगी। कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे घर-घर जाकर सरकार के खिलाफ अभियान चलाएंगे।