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Amritsar: एसजीपीसी विवाद पर बोले ज्ञानी राम सिंह, पद छोड़ने के बाद बयानबाजी उचित नहीं

अंकेश ठाकुर Updated Mon, 23 Feb 2026 04:43 PM IST

दामदमी टकसाल से जुड़े ज्ञानी राम सिंह ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और सिंह साहिब ज्ञानी रघबीर सिंह के बीच चल रहे विवाद पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। संत विहार, अमृतसर में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि धार्मिक पदों से जुड़े मुद्दे नए नहीं हैं और यदि कोई आपत्ति थी तो उसे पद पर रहते हुए ही उठाया जाना चाहिए था। ज्ञानी राम सिंह ने कहा कि दरबार साहिब के हेड ग्रंथी की पदवी अत्यंत पवित्र है और सिख पंथ में इसका विशेष सम्मान है। उन्होंने कहा कि स्वयं उन्हें 11 वर्ष सेवा का अवसर मिला और हटाए जाने के बाद भी उन्होंने कभी संस्था की बदनामी नहीं की। उनका कहना था कि यदि 328 स्वरूपों, बंदी सिंहों या अन्य प्रशासनिक मामलों पर कोई आपत्ति थी तो उसे उसी समय सार्वजनिक किया जाना चाहिए था, भले ही पद छोड़ना पड़ता। उन्होंने कहा कि पद आते-जाते रहते हैं, लेकिन मर्यादा और सम्मान कायम रहना चाहिए। धार्मिक पदों पर बैठे व्यक्तियों को संगत की ओर से मिलने वाली भेंट गुरु के खजाने में जमा कराना उनका कर्तव्य है। आपसी बयानबाजी से संस्थाओं की गरिमा को ठेस नहीं पहुंचनी चाहिए।

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