अकाली नेता विरसा सिंह वल्टोहा ने वीरवार को अपनी सजा पूरी कर ली। उन्होंने बीते दिनों श्री हरिमंदिर साहिब में जूठे बर्तन मांजने, जोड़ों की सफाई करने और लंगर हाॅल में सेवा करने जैसे कार्य विनम्रता के साथ किए। अकाल तख्त साहिब ने उन्हें धार्मिक परंपराओं से जुड़े मामले में सजा सुनाई थी। वहीं निरंकार खालसा जत्था (यूके) के भाई हरिंदर सिंह को गुरु मर्यादा के विरुद्ध बयान देने का दोषी पाए जाने के बाद हरिमंदिर साहिब में दो दिन तक बर्तन मांजने और जोड़े साफ करने की सेवा दी गई थी। उन्होंने बीते बुधवार को सेवा संपन्न की। इसी प्रकार श्री अकाल तख्त के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने भी अपनी सजा पूरी कर ली है। उन पर डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को माफी देने के विवादित फैसले को लेकर कार्रवाई की गई थी। उन्होंने अमृतसर में दो दिन लंगर में सेवा की, बर्तन मांजे और नितनेम तथा आसा की वार का पाठ कर क्षमा याचना की। उन्होंने कड़ा प्रसाद देग में 1100 रुपये भेंट किए और गोलक में राशि जमा कर सेवा पूर्ण की।