प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार 13 दिसंबर को संगम पर जब पहुंचेंगे, तब अमृत काल लग चुका होगा। अमृत काल के सिद्धि योग में वह मानवता की अमूर्त धरोहर के तौर पर विश्व के सबसे बड़े सांस्कृतिक समागम के रूप में महाकुंभ की सफलता के लिए कुंभ कलश का पूजन करेंगे। पूजन में उनके साथ राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी जेटी पर मौजूद रहेंगे। प्रधानमंत्री संगम पर दोपहर 12:15 बजे पहुंचेंगे। काली मछली निशान वाले तीर्थ पुरोहित पं. दीपू मिश्रा के आचार्यत्व में सात वैदिक आचार्य पूजा कराएंगे। अमृत कलश की पूजा के लिए तैयार की गई भव्य जेटी पर मंत्रोच्चार के साथ पहले गौरी-गणेश का पूजन होगा।