विदिशा शहर के कलेक्ट्रेट और एसपी कार्यालय के समीप दलित परिवार के घर में घुसकर तोड़फोड़ करने के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए आरोपियों का सार्वजनिक जुलूस निकाला। इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया और पुलिस के इस कदम को अपराधियों के खिलाफ कड़ा संदेश माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, कलेक्ट्रेट के पास रहने वाले धीरेंद्र चिढ़ार के मकान पर रविवार को कुछ दबंगों ने कब्जा करने की नीयत से हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावरों ने घर में घुसकर जमकर तोड़फोड़ की, जिससे मकान को भारी नुकसान पहुंचा और घरेलू सामान भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के बाद पीड़ित ने तत्काल पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने सभी आरोपियों को पीड़ित के घर से लेकर शहर के मुख्य चौराहे तक पैदल जुलूस के रूप में घुमाया। इस दौरान पुलिस बल के साथ आरोपियों को सरेआम ले जाया गया, जिससे आम लोगों में भी यह संदेश गया कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
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बताया जा रहा है कि जिन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, वे क्षेत्र के प्रभावशाली और कथित रूप से राजनीतिक दलों से जुड़े हुए लोग हैं। ऐसे में इस कार्रवाई को लेकर शहर में चर्चा का माहौल बना हुआ है। इस संबंध में एडिशनल एसपी प्रशांत चौबे ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर हरिजन थाने में प्रकरण दर्ज किया गया था। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनका जुलूस निकाला गया, ताकि उनमें कानून का भय उत्पन्न हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि मामले की जांच अभी जारी है और आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है। यदि जांच के दौरान अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है, तो उन्हें भी आरोपी बनाया जाएगा और विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।