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Umaria News: टाइगर के हमले से चनसुरा निवासी की मौत, ग्रामीणों में दहशत, वन विभाग ने दी सतर्क रहने की सलाह

Sun, 23 Mar 2025 05:11 PM IST
उमरिया ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया

उमरिया जिले के इंदवार थाना अंतर्गत ग्राम चनसुरा में रविवार दोपहर एक दर्दनाक घटना घटी। बाघ के हमले में 50 वर्षीय जुदधु कोल पिता फज्जी कोल की मौत हो गई। घटना के बाद वन विभाग और पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। ग्रामीणों को वन क्षेत्र से दूर रहने और सतर्कता बरतने की सलाह दी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।

लगातार हो रहे बाघ के हमले, दहशत में ग्रामीण
यह पहली बार नहीं है, जब इस क्षेत्र में बाघ ने हमला किया हो। करीब एक साल पहले इसी इलाके में भूरी बाई पति मेजाजी कोल पर भी एक बाघ ने हमला किया था। उस घटना में बाघ ने महिला को जबड़ों में दबोच लिया था और घने जंगल की ओर खींचकर ले गया था, जिससे उसकी दर्दनाक मौत हो गई थी। अब एक साल के भीतर दूसरी बार इंसानी जान जाने से इलाके में दहशत का माहौल बन गया है। वन विभाग के अनुसार यह घटना पनपथा बफर परिक्षेत्र के उत्तर पलझा बीट के पास, आरएफ 632 के करीब हुई है। माना जा रहा है कि हमला करने वाला बाघ अभी भी घटनास्थल के आसपास ही मौजूद हो सकता है। यही कारण है कि वन विभाग ने ग्रामीणों को वन क्षेत्र से दूर रहने और जंगल में अकेले न जाने की सख्त हिदायत दी है।

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घटना के बाद वन विभाग की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की पनपथा बफर टीम तुरंत मौके पर पहुंची। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें सुरक्षा के उपायों के बारे में जागरूक किया। वन अधिकारियों ने बताया कि इस क्षेत्र में लगातार बाघों की आवाजाही देखी जा रही है और अब यह आवश्यक हो गया है कि ग्रामीण सतर्क रहें। वन विभाग अब इस मामले की गहराई से जांच कर रहा है और यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि यह वही बाघ है, जिसने पहले भी हमला किया था या कोई नया बाघ इस इलाके में सक्रिय है। इसके अलावा वन विभाग ने बाघ की निगरानी के लिए कैमरा ट्रैप और गश्ती दल को तैनात करने की योजना बनाई है।

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ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
इस घटना के बाद ग्रामीणों में डर का माहौल है। कई लोग जंगल में खेती और पशुओं के लिए चारा लेने जाते हैं, जिससे उनकी जान को खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने वन विभाग से इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है। वन विभाग और प्रशासन अब इस क्षेत्र में बाघों की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए सुरक्षात्मक कदम उठाने की योजना बना रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जंगल में जाने से बचने और सतर्क रहने से ही इस तरह की घटनाओं से बचा जा सकता है।

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