उमरिया जिले में मानपुर जनपद के ग्राम पंचायत बल्हौड में 18 वर्षीय युवक भोले पिता वैलू कोल की मौत का मामला सामने आया है। भोले 25 मार्च 2025 को सुबह अपने घर से बकरियां चराने के लिए निकला था, लेकिन देर रात तक घर नहीं लौटा। परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की और जब वे सोन नदी के काढ़ा हार इलाके में पहुंचे, तो वहां उसके कपड़े, चप्पल और डंडा एक पत्थर पर रखे मिले।
यह देखकर परिवार वालों को संदेह हुआ कि भोले नदी में डूब गया होगा। उन्होंने तुरंत मानपुर थाना पहुंचकर इसकी जानकारी दी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत एनडीआरएफ टीम को बुलाया और युवक की तलाश शुरू की गई। कई घंटों की खोजबीन के बाद एनडीआरएफ की टीम को भोले का शव मिला, जो पानी में सड़-गल चुका था।
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परिवार में शोक, पुलिस ने शुरू की जांच
भोले के मौत की खबर मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल था। ग्रामीण भी घटनास्थल पर एकत्र हो गए। पुलिस ने शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और रिपोर्ट आने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। मानपुर थाना प्रभारी मुकेश मास्कुले ने बताया कि शव को नदी से निकाल लिया गया है और पीएम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रारंभिक जांच में यह एक दुर्घटना लग रही है, लेकिन पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है।
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गांव में मातम, सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
इस घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। गांव के लोगों का कहना है कि सोन नदी के काढ़ा हार क्षेत्र में पहले भी इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई सुरक्षा उपाय नहीं किए गए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस इलाके में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाएं न हों। इस दुखद घटना ने फिर से यह सवाल खड़ा कर दिया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा उपायों को लेकर प्रशासन कितना गंभीर है। भोले की मौत दुर्घटना थी या इसके पीछे कोई और वजह है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।