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Ujjain: बाबा श्री महाकाल का चंद्रमा, त्रिपुंड और त्रिशूल से हुआ विशेष श्रृंगार, भक्तों को दिए अलौकिक दर्शन

Thu, 06 Aug 2026 07:43 AM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

श्रावण कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर गुरुवार सुबह विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल के दरबार में हजारों श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। श्रद्धालु देर रात से ही कतारों में लगकर अपने आराध्य देव बाबा महाकाल के दर्शन के लिए पहुंचे। भगवान महाकाल भी भक्तों को दर्शन देने के लिए तड़के तीन बजे जागृत हुए। उनका अलौकिक श्रृंगार कर भस्म अर्पित की गई। भक्तों ने इन दिव्य दर्शनों का लाभ लिया। श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि श्रावण कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर तड़के 3 बजे भस्म आरती प्रारंभ हुई। वीरभद्र जी से आज्ञा लेने के बाद मंदिर के पट खुलते ही पंडे-पुजारियों ने गर्भगृह में विराजित सभी देवी-देवताओं की प्रतिमाओं का विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया। इसके बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक जल, दूध, दही, घी, शक्कर, पंचामृत और फलों के रस से किया गया। पूजन के दौरान प्रथम घंटा बजाकर 'हरि ॐ' का जल अर्पित किया गया। इसके पश्चात पुजारियों और पुरोहितों ने भगवान महाकाल का भव्य श्रृंगार किया। कपूर आरती के बाद बाबा महाकाल को नवीन मुकुट धारण कराया गया। फिर महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल के शिवलिंग पर भस्म अर्पित की गई। इसके बाद झांझ-मंजीरे, ढोल-नगाड़ों और शंखनाद के बीच भस्म आरती संपन्न हुई।

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यह है आरती का समय
- भस्म आरती सुबह 3 से 6 बजे तक
- दद्योदक आरती प्रात: 7 से 7:45 बजे तक
- भोग आरती प्रात: 10 से 10:45 बजे तक
- संध्या पूजन सायं 5 से 5:45 बजे तक
- संध्या आरती सायं 7:00 से 7:45 बजे
- शयन आरती रात्रि 10:30 से 11:00 बजे तक
महाकालेश्वर मंदिर मे आरतियों के समय में हुआ यह बदलाव आश्विन मास की पूर्णिमा (शरद पूर्णिमा) तक जारी रहेगा    

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