भोपाल में जमीयत उलेमा-ए-हिंद की गवर्निंग बॉडी की बैठक में मौलाना महमूद मदनी के बयान पर अब विवाद शुरू हो चुका है। उज्जैन पहुंचे अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी महाराज ने मौलाना महमूद को टीएमसी का नेता बताते हुए कहा कि उनका मानसिक संतुलन ठीक नहीं है। वे 6 दिसंबर को बाबरी मस्जिद की नीव रखते हैं तो पूरे देश भर के सनातनी इस स्थान पर पहुंचकर राम मंदिर की नीव भी रखेंगे।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविंद्र पुरी ने आगे कहा कि मौलाना मदनी हमेशा हिंदु-मुस्लिम को लेकर विवादित बयान देते हैं। वे सपा के एजेंट हैं, हम उनको सीरियस नहीं लेते। उन्होंने कहा कि 2028 में चुनाव हैं। मौलाना का यह बयान इसलिए है कि सपा को आखिर फायदा कैसे पहुंचाया जाए। उन्हें ऐसी ओछी राजनीति नहीं करनी चाहिए। पूरे हिन्दुस्तान में उन्होंने लव, लैंड, पेशाब और थूक जिहाद फैला रखा है। अब कौन-सा जिहाद बाकी है।
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मौलाना महमूद मदनी ने यह दिया था बयान
याद रहे कि मौलाना महमूद मदनी ने भोपाल में शनिवार को यह बयान दिया था कि मौजूदा दौर में इस्लाम और मुसलमानों के खिलाफ नफरत फैलाने की कोशिशें बढ़ गई हैं। जिहाद जैसे शब्द को आतंक और हिंसा से जानबूझकर जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा था लव जिहाद, लैंड जिहाद, थूक जिहाद जैसे शब्द मुसलमानों को बदनाम करने के लिए गढ़े गए हैं। इस्लाम में जिहाद का मतलब अन्याय और जुल्म के खिलाफ संघर्ष है। जब-जब जुल्म होगा, तब-तब जिहाद होगा। मदनी के इस विवादित बयान के बाद देशभर में इस बयान का विरोध हो रहा है।
स्थानीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष को हटाया नहीं बस नियमों का पालन किया - रविंद्रपुरी
स्थानीय अखाड़ा परिषद को हटाए जाने के सवाल पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी महाराज ने बताया कि उन्हें हटाया नहीं गया है बल्कि परिषद के नियमों का पालन किया गया है। वर्ष 2004 हो या 2016 अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ही सिंहस्थ के सभी कार्यों की व्यवस्था देखते आई है। परिषद के अंतर्गत 13 अखाड़े आते हैं इसीलिए हमें शासन प्रशासन के साथ मिलकर ऐसी व्यवस्थाएं करना होती हैं जिससे कि देश-विदेश से आने वाले प्रत्येक अखाड़े के संन्यासियों को किसी भी प्रकार की समस्या ना आए। जब कुंभ होता है तो अखाड़ा परिषद के सचिव पूरी व्यवस्थाएं देखते हैं और इस बार भी ऐसा ही हो रहा है।