टीकमगढ़ शहर का गांधी चौराहा जिसे शहर का सबसे व व्यस्त चौराहा माना जाता है। मंगलवार की सुबह किसानों का धैर्य टूट गया और उन्होंने कांग्रेस नेता भगतराम यादव के नेतृत्व में चक्काजाम कर दिया। चक्काजाम लगते ही प्रशासन के हाथ पैर फूलने लगे, क्योंकि किसानों की समस्या पिछले 1 माह से लगातार जारी है। कभी वह पुलिस की लाठी खाते हैं तो कभी कई दिनों तक खाद के लिए लाइन में लगे रहते हैं, लेकिन जिला प्रशासन के कानों पर जू नहीं रेग रही है।
आखिरकार परेशान होकर के मंगलवार की सुबह किसानों ने टीकमगढ़ शहर के व्यस्ततम मिलकर अस्पताल चौराहे पर जाम लगा दिया। किसानों का आरोप है कि खाद न मिलने से उनकी बुवाई समय से नहीं हो रही है, जिसमें वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गई। सूचना मिलती ही कोतवाली पुलिस और इसके बाद टीकमगढ़ एसडीएम संजय दुबे मौके पर पहुंचे और उन्होंने किसानों से बातचीत की। उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि 2 दिन बाद स्टॉक आ जाएगा। कांग्रेस नेता भगत राम यादव को भी उन्होंने दो दिन बाद खाद दिलाने का आश्वासन दिया इसके बाद धरना समाप्त हुआ।
टीकमगढ़ जिला कांग्रेस कमेटी के शहर अध्यक्ष भगत राम यादव ने बताया कि डीएपी के लिए जिले भर के किसान परेशान हो रहे हैं। हर दिन सुबह से लेकर शाम तक वह कई घंटे लाइन में खड़े रहते हैं और शाम को खाली हाथ चले जाते हैं। उन्होंने कहा कि एसडीएम ने उन्हें 2 दिन के अंदर डीएपी उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है अगर दो दिन बाद डीएपी किसानों को नहीं मिलता है तो कांग्रेस की नेतृत्व में लंबा आंदोलन करेंगे।
एक माह से किसान हो रहे हैं परेशान अधिकारी मदमस्त
टीकमगढ़ जिले में खाद को लेकर पिछले 1 माह से किसान लगातार खाद के लिए चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें समय से खाद नहीं मिल रहा है, जिसके चलते उनकी बुवाई लेट हो रही है और किसान परेशान है। कभी किसानों के साथ पुलिस मारपीट कर देती है तो कभी किसान भूखे प्यासे लाइनों में लगे रहते हैं। प्रशासन द्वारा ना तो वहां पर पीने की पानी की व्यवस्था की गई है और ना ही किसानों के बैठने के लिए कोई छांव की व्यवस्था है।