राजा रघुवंशी मर्डर केस में महत्वपूर्ण सबूत जुटाने के लिए शिलांग पुलिस इंदौर आई। वह देवास नाका क्षेत्र के उस फ्लैट में भी पहुंची, जहां सोनम ने दस से ज्यादा दिन गुजारे थे। टीम को फ्लैट से ज्यादा कुछ नहीं मिला। शिलांग पुलिस की टीम अपने साथ किसी आरोपी को लेकर साथ नहीं आई, लेकिन पूछताछ के दौरान आरोपियों ने उन्हें जो जानकारी दी। उसकी कड़ी जोड़ने और उससे जुड़े सबूत एकत्र करने टीम इंदौर आई है।
शिलांग पुलिस सोनम के घर भी जाएगी और परिजनों से पूछताछ भी करेगी। पुलिस ने सोनम के भाई गोविंद को भी शिलांग पुलिस ने बुलाया है। शिलांग में हत्या के बाद सोनम रघुवंशी इंदौर आ गई थी। वह कुछ दिन राज के घर रुकी थी। फिर देवास नाका के फ्लैट में दस से ज्यादा दिन रुकी। फ्लैट विशाल ने लिया था। राजा के परिजनों ने भी कहा कि उन्हें शिलांग पुलिस के इंदौर आने की जानकारी मिली है।
सोनम ने 7 जून को फ्लैट छोड़ दिया था। तब उसने फ्लैट में रुकने के सबूत भी मिटा दिए थे। पुलिस जब पहुंची तो वहां कुछ कपड़े व बर्तन मिले। पुलिस को अभी तक सोनम के दोनो मोबाइल, राजा के गहने नहीं मिले है। सोनम ने दोनो फोन और सिम तोड़ दी थी। वह राज का दिया फोन इस्तेमाल कर रही थी। पुलिस को वह फोन भी नहीं मिला है। इंदौर से गाजीपुर तक वह बगैर फोन के गई थी।
शिलांग पुलिस के तीन अफसर रात को राजा रघुवंशी के घर पहुंचे और आधे घंटे तक केस को लेकर परिजनों से पूछताछ की। उन्होंने राजा की मां उमा और भाई विपिन से पूछा कि शादी के बाद सोनम का व्यवहार कैसा था। वह कितने दिन घर पर रुकी थी। परिजनों ने बताया कि सोनम चार दिन ससुराल में रुकी थी। फिर वह अपने मायके चली गई थी। वहीं से वह हनीमून के लिए 20 मई को एयरपोर्ट के लिए रवाना हुई थी। अफसर करीब आधे घंटे तक राजा के निवास पर रुके... वहीं शिलांग पुलिस से मिलने के बाद राजा के भाई विपिन रघुवंशी का बयान भी सामने आया है... देखिए उन्होंने क्या कुछ कहा है...