नगर पालिका में कार्यरत सफाईकर्मियों ने मंगलवार को वेतन मिलने में देरी के खिलाफ प्रदर्शन किया और काम बंद कर नपा कार्यालय पहुंचे। नाराज सफाईकर्मियों ने नगर पालिका कार्यालय पहुंचकर सीएमओ मधु सक्सेना के खिलाफ नारेबाजी की। उनका कहना है कि वेतन हर महीने की एक से पांच तारीख के बीच मिल जाना चाहिए, लेकिन नगर पालिका की ओर से हर महीने 15 तारीख के बाद वेतन दिया जाता है। इस बार 18 तारीख तक भी वेतन नहीं मिलने के कारण सफाईकर्मियों में आक्रोश है।
नपा में कुल 200 सफाईकर्मी कार्यरत हैं, जिनमें से 58 स्थायी कर्मचारी हैं और बाकी अस्थायी हैं। हर महीने वेतन मिलने में हो रही देरी के कारण सभी कर्मचारियों में नाराजगी है। सफाईकर्मियों ने चेतावनी दी है कि जब तक वेतन का भुगतान नहीं होगा, वे काम नहीं करेंगे। इससे शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है।
वेतन में देरी से परेशानी
प्रदर्शन कर रहे सफाईकर्मी विमल कल्याणी, श्रवण परछे, मुकेश और दीपक ने बताया कि वेतन समय पर नहीं मिलने से उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा, “हमें हर महीने घर का खर्च, बच्चों की स्कूल फीस और बैंक लोन की किश्तें चुकानी पड़ती हैं, लेकिन वेतन देरी से मिलने के कारण मुश्किलें बढ़ गई हैं। सफाईकर्मियों का कहना है कि हर महीने इसी तरह बहाने बनाए जाते हैं और उन्हें समय पर वेतन नहीं मिलता।”
नगर पालिका की ओर से दी गई सफाई
सीएमओ मधु सक्सेना ने सफाईकर्मियों के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वेतन में देरी बजट की कमी के कारण हो रही है। उन्होंने बताया कि नगर पालिका को चुंगी कर से जो राशि मिलनी है, उसके आने में देरी हो रही है। जैसे ही यह राशि प्राप्त होगी, सफाईकर्मियों का वेतन जारी कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि वेतन हर महीने दिया जाता है, लेकिन तारीख में कुछ बदलाव हो सकता है। कुछ कर्मचारियों द्वारा अनुचित व्यवहार की बात भी सामने आई है, लेकिन सभी को आश्वासन दिया गया है कि राशि मिलते ही वेतन का भुगतान कर दिया जाएगा।